नई दिल्ली, अक्टूबर 13 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) और दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) की ओर से रामलीला और अन्य धार्मिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए सार्वजनिक मैदानों के आवंटन में अपनाई जाने वाली "पहले आओ, पहले पाओ" नीति को मनमाना और असंवैधानिक करार दिया है। अदालत ने साफ किया कि प्रशासनिक स्तर पर आसानी से फैसला लेने के लिए बनाई गई ऐसी नीति को संवैधानिक रूप से तर्कसंगत नहीं माना जा सकता। जस्टिस अमित महाजन की पीठ ने टिप्पणी की कि बिना किसी पूर्व सार्वजनिक नोटिस या निर्धारित समय-सीमा के आवंटन की प्रक्रिया चलाने से प्रशासनिक जानकारी तक पहुंच रखने वाले कुछ लोगों को अनुचित लाभ मिलता है, जो समानता के अधिकार का उल्लंघन है।क्या है पूरा मामला? यह मामला 'रेज ऑफ न्यू बिगिनिंग फाउंडेशन' की ओर से दायर याचिका से जुड़ा है। फाउ...