शाहजहांपुर, अप्रैल 4 -- शाहजहांपुर। जिले में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) की पहल से दो मासूम बच्चों की जिंदगी में नई रोशनी आई है। जन्म से सुनने और बोलने में असमर्थ रहे इन बच्चों ने जब पहली बार आवाज सुनी, तो परिवार की आंखें खुशी से भर आईं। यह पल परिजनों के लिए बेहद भावुक और यादगार बन गया। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. विवेक कुमार मिश्रा के निर्देशन में आरबीएसके टीम ने स्क्रीनिंग के दौरान ब्लॉक खुटार के गांव कांवरिया निवासी ब्रिजेश के चार वर्षीय बेटे शिवांश और दिवांश को चिह्नित किया। दोनों बच्चे जन्म से ही सुनने और बोलने में असमर्थ थे, जिससे परिवार लंबे समय से चिंता में था। टीम की पहल पर दोनों बच्चों को लखनऊ के कोक्लिया एडवांस सर्जिकल सेंटर में निःशुल्क इलाज के लिए भेजा गया। 26 मार्च को विशेषज्ञ डॉक्टरों ने कॉक्लियर इंप्लांट सर...