नई दिल्ली, जुलाई 5 -- अक्टूबर 2025 में ह्यूस्टन से अपने पहले मर्चेंट नेवी जहाज पर सवार होकर अपने सपनों की नौकरी शुरू करने वाली हिफा सलीम को अंदाजा नहीं था कि कुछ ही महीनों में फारस की खाड़ी में युद्ध छिड़ जाएगा। युद्ध के कारण उनके जहाज का मार्च की शुरुआत में कुवैत जाने का तय कार्यक्रम रद्द कर दिया गया और जहाज को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) के बाहर फुजैरा एंकरेज के पास समुद्र में तैरते हुए इंतजार करने का निर्देश दिया गया। बाद में हिफा को पता चला कि अगर उनका जहाज वहां महज 15 घंटे पहले पहुंचा होता तो वे खाड़ी के अंदर ही फंस जाते। केरल की यह युवा मरीन इंजीनियर ने जब आसमान की तरफ देखा, तो वहां एक के बाद एक मिसाइलें तेजी से गुजर रही थीं। यह नजारा महज कुछ सेकेंड का था, लेकिन 24 साल की हिफा सलीम के लिए यह एक ऐसा खौफनाक मंजर था जिसे वह ज...