गोरखपुर, मई 14 -- गोरखपुर, मुख्य संवादाता। पेराई सत्र 2026-27 के लिए शुरू हुए गन्ना सर्वेक्षण में सूबे में पहली बार एग्रो फॉरेस्ट्री और फार्म फॉरेस्ट्री का भी विस्तृत विवरण दर्ज किया जाएगा। गन्ना एवं चीनी विभाग ने सर्वेक्षण को अधिक पारदर्शी, वैज्ञानिक और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के उद्देश्य से नए निर्देश जारी किए हैं। सर्वेक्षण कार्य 30 जून तक चलेगा। अब सर्वेक्षण में केवल गन्ने का रकबा ही नहीं, बल्कि गन्ने के साथ की जा रही सहफसली खेती, अन्तःफसली खेती, एग्रो फॉरेस्ट्री और फार्म फॉरेस्ट्री का भी पूरा ब्यौरा दर्ज किया जाएगा। बड़ी संख्या में किसान पारंपरिक गन्ना खेती के साथ पेड़ आधारित कृषि प्रणाली को अपना रहे हैं, जिससे उनकी आय में वृद्धि हो रही है। सरकार इन नई खेती प्रणालियों के वास्तविक रकबे और प्रभाव का आंकलन करना चाहती है।

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