रांची, सितम्बर 8 -- रांची, संवाददाता। झारखंड हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए कहा है कि पहली पत्नी के जीवित रहते बिना सक्षम प्राधिकारी की पूर्व अनुमति दूसरी शादी करने वाले सरकारी कर्मचारी की दूसरी पत्नी उसकी मृत्यु के बाद अनुकंपा नियुक्ति का दावा नहीं कर सकती। प्रथागत कानून में दूसरी शादी की अनुमति होने का आधार भी सरकारी सेवा नियमों को निष्प्रभावी नहीं कर सकता। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की पीठ ने यह फैसला दिवंगत पंचायत सेवक बरनवास मालतु की कथित दूसरी पत्नी की अपील खारिज करते हुए सुनाया। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि दूसरी शादी से जन्मा बच्चा अवैध नहीं माना जाएगा। उसे कानून के अनुसार पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य वित्तीय लाभ मिलेंगे। दूसरी पत्नी के नाबालिग बेटे को दिए गए लाभ को पीठ ने बरकरार रखा। मालतु ...