हमीरपुर, मई 29 -- हमीरपुर। बांदा के भूरागढ़ निवासी दो दोस्त सभाजीत और गंगाचरण को क्या पता था कि जिस रोजगार की तलाश में वे घर से निकले हैं, वही उनकी जिंदगी का आखिरी सफर बन जाएगा। लंबे समय की बेकारी के बाद दोनों 27 मई को पहली बार बेतवा नदी के निर्माणाधीन पुल की साइट पर मजदूरी करने पहुंचे थे। लेकिन, कुदरत को कुछ और ही मंजूर था। ड्यूटी पर अभी महज 48 घंटे ही बीते थे कि तूफान में 700.90 मीटर लंबे पुल की करीब 110 मीटर लंबी स्लैब मय कोठी के ढह गई और दोनों दोस्तों की मलबे में दबकर दर्दनाक मौत हो गई। भूरागढ़ निवासी नीलकंठ का पुत्र सभाजीत और सोबरन का पुत्र गंगाचरण उर्फ सावंत यादव एक ही मोहल्ले में रहते हैं। दोनों के बीच दोस्ती भी है। लंबे समय से दोनों के पास कोई ठीकठाक काम नहीं था। बांदा की हीरालाल कंट्रक्शन कंपनी के संपर्क में आने के बाद इन्हें बतौर...