आलोक शर्मा, अप्रैल 22 -- 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की वादियों में हुए आतंकी हमले में शहीद हाथी गांव निवासी शुभम द्विवेदी की याद अब एक संकल्प बन चुकी है। उनके नाम पर बना ट्रस्ट उन गुमनाम सैनिकों को पहचान दिलाने की पहल कर रहा है, जिन्होंने देश के लिए जान तो कुर्बान कर दी, लेकिन न उन्हें कोई मेडल मिला, न शहीद का दर्जा। पहलगाम हमले की पहली बरसी पर शुभम की पत्नी ऐशान्या द्विवेदी ने कहा, यह प्रयास उन अनदेखे बलिदानों को सम्मान दिलाने और शुभम को सच्ची श्रद्धांजलि की एक छोटी कोशिश है। ऐशान्या द्विवेदी कहती हैं कि अब उनकी पूरी जिंदगी शुभम की याद के साथ ही आगे बढ़ेगी। उनका दर्द कभी कम नहीं हो सकता, लेकिन उन्होंने इसे समाज सेवा के जरिए संभालने का रास्ता चुना है। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम की बैसरन घाटी में हुए आतंकी हमले में पर्यटकों से धर्म पूछकर गोली ...