नई दिल्ली, अगस्त 7 -- नई दिल्ली, विशेष संवाददाता। अमेरिका-ईरान युद्ध और पश्चिम एशिया में तनाव का असर भारत के विदेशी व्यापार लगातार पड़ रहा है। फरवरी के बाद से हार्मूज जलडमरूमध्य के रास्ते होने वाला भारत का निर्यात लगभग ठप पड़ गया है। इसके कारण यूरोप, पश्चिम एशिया और कई अन्य देशों के लिए सामान भेजने के लिए लंबा वैकल्पिक समुद्री मार्ग अपनाना पड़ रहा है। इससे माल ढुलाई की लागत, समय और जोखिम तीनों बढ़ गए हैं। इससे सप्लाई चेन प्रभावित हो रही है। इंजीनियरिंग सामान, केमिकल, टेक्सटाइल, रेडीमेड गारमेंट, समुद्री उत्पाद, कृषि उत्पाद, फार्मास्यूटिकल्स और ऑटो कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों पर सबसे अधिक असर पड़ रहा है। फियो के महानिदेशक एवं सीईओ डॉ.अजय सहाय बताते हैं कि फरवरी के बाद से होर्मूज के रास्ते निर्यात पूरी तरह से बंद है। युद्ध के चलते समुद्री मार्ग ...