उन्नाव, मार्च 9 -- पश्चिम एशिया में छिड़े युद्ध की चिंगारी अब हजारों किलोमीटर दूर उन्नाव के औद्योगिक गलियारों को झुलसाने लगी है। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण लाल सागर मार्ग बाधित होने से जनपद का करीब 1700 करोड़ रुपये का निर्यात अधर में लटक गया है। जहाजों को केप ऑफ गुड होप का लंबा चक्कर लगाने पर मजबूर होना पड़ रहा है, जिससे न केवल मालभाड़े में 40 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है बल्कि लेदर और मांस उद्योग की पूरी सप्लाई चेन चरमरा गई है। मुंबई पोर्ट पर फंसे सैकड़ों कंटेनर अब स्थानीय उद्यमियों के लिए भारी आर्थिक नुकसान और भविष्य की अनिश्चितता का सबब बन रहे हैं। पेश है आपके अपने अखबार 'हिन्दुस्तान' की पड़ताल..उन्नाव। प्रदेश की आर्थिक रीढ़ और करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लेदर इंडस्ट्री में अहम स्थान रखने वाला उन्नाव का चर्म ...