रुडकी, मार्च 28 -- नारसन। खेती-बाड़ी के अलावा किसानों को पशुपालन कार्य से भी कोई खास फायदा नहीं मिल रहा है। ऐसे में किसानों के घर से पशुओं संख्या लगातार घटने लगी है। किसानों के लिए कृषि के साथ-साथ अपनी अतिरिक्त आमदनी को बढ़ाने के लिए पशुपालन का कार्य भी किया जाता रहा है। किसान आर्थिक जरूरत पड़ने पर दुग्ध उत्पादन का ही सहारा लेते थे। लेकिन अब पशुपालकों की माने तो पशुपालन का कार्य ज्यादा महंगा हो गया है।

हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...