गोड्डा, फरवरी 18 -- गोड्डा एक प्रतिनिधि । कृषि विज्ञान केंद्र गोड्डा द्वारा विशेष साप्ताहिक बुलेटन जारी कर बताया कि हाल के दिनों में जिले में गौ जातीय पशुओं में एफएमडी(चपका रोग) का प्रकोप देखने को मिल रहा है। कृषि मौसम वैज्ञानिक रजनीश प्रसाद राजेश नें बताया कि इस रोग का मुख्य लक्षण: पशुओं में तेज बुखार होना, थोड़ी-थोड़ी देर बाद मुह का खोलना एवं बंद करना, मुह से लार आना, पैरों में घाव होना आदि है। इस बीमारी से ग्रसित पशुओं को चलने फिरने और खाने में परेशानी होती है। यदि सही समय पर इस रोग का इलाज नहीं कराया जाये तो संक्रमित पशुओं की मृत्यु भी हो सकती है। उपचार के बारे में बताया कि रोग ग्रसित पशु के मुह और जीभ को खाने वाला सोडा से पानी में घोलकर दिन में दो बारिो धोएं। पशुओं के जीभ पर बोरो ग्लिसरीन का लेप लगाए।पैर के जख्म को नीम पत्ती डूबा गरम...
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