आगरा, मई 30 -- इन दिनों पशुओं के पेट में कीड़ने पलने का खतरा बना रहता है। जिससे दुधारू पशु का प्रतिदिन 0.5 से 1.0 लीटर तक दूध उत्पादन कम होकर दूध उत्पादकता में 5 प्रतिशत तक की कमी आ जाती है।

पारजीवी और उनका प्रभाव पशुपालन वैज्ञानिक की मानें तो पशुओं के पेट में पलने वाले अदृश्य परजीवी जैसे फीताकृमि, गोलकृमि, लीवर फल यूक आदि को नुकसान पहुंचाने लगते हैं। जिससे बचाव और दूध उत्पादन को बेहतर रखने को कृमि नाशक दवाई फायदेमंद होती है। जिले के 100 पशुपालक ग्रामीणों को दवाई बांटी गई है। कृषि विज्ञान केंद्र के पशुपालन वैज्ञानिक डॉ. सुशील ने पशुपालकों बताया को बताया कि, यही नहीं मादा पशुओं की प्रजनन की क्षमता भी 14 से 17 प्रतिशत तक कम कर देते है। ऐसा होने से पशु पर आने वाली आहार लागत मे इजाफा होने से पशुपालक को नुकसान उठाना पड़ जाता है। परजीवों से निज...