एटा, अप्रैल 29 -- जिले के सात लाख पशुओं के स्वास्थ्य की जिम्मेदारी सिर्फ 24 डाक्टरों पर है। आठों ब्लॉकों में यह डाक्टर पशुओं की देखभाल करते हैं। देश की आजादी से लेकर आज तक जनपद में पशुओं की जांच की व्यवस्था तक नहीं हो सकी है। थोड़े से गंभीर पशु आते ही उन्हें उच्च उपचार के लिए मथुरा या फिर बरेली के लिए रेफर किया जाता है। हद तो यह है कि आज तक ना तो एक्सरे मशीन लग सकी न ही खून की जांच की सुविधा मिल सकी है। पशु पालन विभाग से जुड़े आंकड़ों पर नजर डाले तो जिले में सात लाख से अधिक पशु हैं। पशुओं की देखभाल के लिए अस्तपालों की व्यवस्था की गई है। जिला मुख्यालय के अलावा अलीगंज और जलेसर तहसील पर पशु अस्पताल बने हुए हैं। इसके अलावा उप पशु चिकित्सा केंद्र बनाए गए है। उप पशु चिकित्सा केंद्रों का हाल बहुत ही खराब है। यहां पर पशु पालकों को इलाज नहीं मिल प...