फतेहपुर, जनवरी 13 -- फतेहपुर। सर्दियों के मौसम का पहला त्योहार मकरसंक्रांति पतंगबाजी पर्व के लिए शुमार है। पतंगबाजी के शौकीन आसमान की ऊंचाईयों में पेंच लड़ाने और काटने के जुनून की प्रतिस्पर्धा होती है। इस खेल में सबसे अधिक डिमांड चाइनीज मांझा की होती है। कांच और केमिकल युक्त प्लास्टिक की धारदार डोरी पक्षियों को जख्म दे रही है। धारदार मांझा आसमान के पक्षियों के लिए घातक साबित हो रही है। कटी पतंग का मांझा बाइक व साइकिल सवारों के ऊपर से गुजरता है। हाथ, गला और चेहरा तक चपेट में आने से चोटहिल होते है। प्रशासन की नजर न होने से मांझा की डिमांड बढ़ी और बिक्री भी तेज हुई है।

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