दरभंगा, दिसम्बर 31 -- दरभंगा। राष्ट्रीय मखाना अनुसंधान केंद्र, दरभंगा में 'राष्ट्रीय विकास में पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन की भूमिका' विषय पर विचारगोष्ठी हुई। वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि किसी भी राष्ट्र के सतत और समावेशी विकास की बुनियाद स्वस्थ एवं उर्वर मिट्टी, स्वच्छ जल और शुद्ध वायु पर टिकी होती है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि वर्तमान समय में वायु, जल एवं मृदा प्रदूषण के साथ-साथ कीटनाशकों एवं अन्य रासायनों से प्रदूषित भोजन के सामूहिक प्रभाव से एक औसत भारतीय की जीवन प्रत्याशा लगभग सात वर्ष तक कम हो सकती है, जो अत्यंत गंभीर चेतावनी है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण एवं संवर्धन कोई वैकल्पिक कार्य नहीं, बल्कि राष्ट्रीय विकास की अनिवार्य शर्त है। इन संसाधनों की रक्षा हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके बिना विकसि...