लखनऊ, मार्च 13 -- तेजी से बढ़ता पर्यावरण प्रदूषण अब केवल हवा और पानी की गुणवत्ता को ही प्रभावित नहीं कर रहा, बल्कि सेहत पर भी गंभीर असर डाल रहा है। प्लास्टिक के बढ़ते उपयोग और पर्यावरण में मौजूद विषाक्त पदार्थों का असर किडनी की सेहत पर भी पड़ने लगा है। यह जानकारी पीजीआई नेफ्रोलॉजी विभाग के अध्यक्ष डॉ. नारायण प्रसाद ने दी। शुक्रवार को पीजीआई नेफ्रोलॉजी, यूरोलॉजी, किडनी प्रत्यारोपण विभागों की ओर से राज्य अंग और ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के सहयोग से किडनी स्वास्थ्य, पर्यावरणीय स्थिरता व अंगदान को लेकर वॉकथॉन हुआ। वॉकथॉन में डॉ. नारायण प्रसाद ने कहा कि औद्योगिक कचरे, रासायनिक पदार्थों और माइक्रोप्लास्टिक के कारण पानी और खाद्य पदार्थों में विषैले तत्व मिल रहे हैं। जब ये तत्व शरीर में प्रवेश करते हैं तो किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। किडनी का मुख...
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