उरई, मार्च 21 -- उरई, संवाददाता। विश्व गौरैया दिवस के अवसर पर डीवी कॉलेज उरई के जंतु विज्ञान विभाग में एक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इसमें गौरैया संरक्षण एवं पर्यावरणीय संतुलन के साथ सह अस्तित्व को बनाए रखने के प्रति जागरूक किया। जंतु विज्ञान विभागाध्यक्ष डॉ आलोक पाठक ने कहा कि गौरैया की घटती संख्या पर्यावरण के लिए एक गंभीर खतरा है। हमें इनके संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। डॉ शरद श्रीवास्तव ने कहा शहरीकरण, मोबाइल टावरों से निकलने वाली रेडिएशन, वनों की कटाई और कीटनाशकों के अत्यधिक उपयोग के कारण गौरैया की संख्या में भारी गिरावट आई है। इन सभी का कम से कम प्रयोग करके उनकी संख्या में बढ़ोतरी की जा सकती है। डॉ माधुरी रावत ने गौरैया की संख्या में कमी होने पर हमारे मानव जीवन पर पड़ने वाले दुष्परिणाम पर अपने विचार रखे। प्राचार्य डॉ राजेश...