मुंगेर, फरवरी 23 -- मुंगेर संवाददाता मुंगेर जिला धार्मिक एवं पारिस्थितिक (इको) पर्यटन की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है। यहां मौजूद प्राकृतिक सौंदर्य, ऐतिहासिक विरासत और आस्था के केंद्र यदि योजनाबद्ध ढंग से विकसित किए जाएं, तो न केवल जिले की पहचान राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बनेगी, बल्कि बड़े पैमाने पर स्थानीय रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि, पर्यटन आधारित अर्थव्यवस्था मुंगेर के युवाओं को पलायन से रोकने में अहम भूमिका निभा सकती है। पर्यटन स्थलों का खजाना, समन्वित विकास की जरूरत: जिले में मुंगेर किला, कष्टहरणी घाट, योग विश्वविद्यालय, चंडिका स्थान, सीता कुंड, सीता चरण, जैन मंदिर, तेलडीहा मंदिर, सती स्थान, पीर पहाड़, बैपटिस्ट मिशन, पीपरपांती रोड स्थित गुरुद्वारा, खड़गपुर की पहाड़ी में स्थित काली पहाड़ी, ऋषि कुंड,...
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