बांदा, फरवरी 16 -- बांदा, कार्यालय संवाददाता। राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने के लिए बुंदेलखंड के अजेय कालिंजर दुर्ग के पास पीपीपी (पब्लिक पार्टनरशिप) माडल के तहत 18 किले भूखंड पर ऋषिकुल वैदिक विलेज बनाया जाएगा। इसको लेकर कवायद तेज हो गई है। छह चरणों में 30 करोड़ की लागत से इसको तैयार कर पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए कार्ययोजना तैयार की गई है। जिला पंचायत के कार्याधिकारी के निर्देशन में कलिंगा आर्किटेक्ट प्रा. लि. ने प्रोजेक्ट तैयार किया है। इसका उद्देश्य सिर्फ पर्यटन नहीं बल्कि समग्र जीवन शैली गांव पर आधारित है। जिसमें स्वथ्य जीवनशैली को दर्शाया जाएगा। इसके मास्टर प्लान में प्रथ्वी जल वायु और आकाश के सिद्धांत पर आधारित है। बुंदेलखंड की गौरवशाली धरोहर कालिंजर किला अब मेगा डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट के तहत नए रूप में विकसित होने जा रहा है। इसको...