कानपुर, मई 16 -- मंगलपुर, संवाददाता। डेरापुर ब्लाक के परौख गांव में केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी अमृत सरोवर' योजना दम तोड़ रही है। लाखों रुपए कीमत से बनाये गए अमृत सरोवर की दुर्दशा है, जबकि योजना का उद्देश्य जल संरक्षण और ग्रामीण क्षेत्रों का सौंदर्यीकरण करना था, लेकिन यह तालाब खुद प्यासा हैं, जबकि यह गांव देश के पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद का पैतृक गांव है, जिसे आदर्श ग्राम के रूप में देखा जाता है। सरकार ने जल संरक्षण के लिए लाखों रुपए खर्च करके अमृतसरों का निर्माण करवाया था, लेकिन देखरेख के अभाव में बड़ी संख्या में बने अमृत सरोवरों की दुर्दशा है। कहीं पर पानी भरने के कोई इंतजाम नहीं है, तो कहीं देखरेख की कमी है, जबकि गर्मियों के मौसम में तालाब में पानी की जरूरत होती है। यह भी पढ़ें- बदहाल पड़े आदर्श जलाशय, सूखे तालाबों में उग आई झाड़ि...