परोपकार की भावना से कर्म करने वाला होता है पूज्य
शामली, मार्च 22 -- थाना भवन नगर के मुख्य बाजार के पास स्थित मंदिर बाला जी धाम मे नव रात्र के चौथे दिन आयोजित धार्मिक कार्यक्रम मे पहुंचे कथा व्यास राजराजेश्वर महाराज ने कहा नारी से नारायणी की यात्रा का पर्व ही नवरात्र है। यह पर्व नारी के जीवन के उच्चतम स्तर को रेखांकित करता है। माँ दुर्गा के चरित्र को देखो। माँ का जन्म दिव्य है इसलिए इतने देवताओं के होते हुए वो पूज्या नहीं हुईं अपितु उनके कर्म दिव्य हैं इसलिए वो पूज्या हुईं। परहित और परोपकार की भावना से जो कर्म करता है, समाज उसको पूजता अवश्य है।
हिंदी हिन्दुस्तान की स्वीकृति से एचटीडीएस कॉन्टेंट सर्विसेज़ द्वारा प्रकाशित...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.