बागपत, मई 11 -- बागपत। पशुपालकों को प्राइवेट में पशुओं का उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। इसकी वजह है कि पशु चिकित्सालयों पर पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी का होना। कमी की वजह से न सिर्फ विभागीय कार्य प्रभावित हो रहे है, उसके साथ ही पशु पालकों को भी परेशानी उठानी पड़ रही है। प्राइवेट या झोलाछाप चिकित्सक से उपचार कराने को मजबूर होना पड़ रहा है। जिले में पशु चिकित्सालय 33, पशु सेवा केंद्र की संख्या 42 है। पशु गणना के अनुसार जिले में 3.40 लाख पशु है, जिनमें 1.9 लाख गोवंश और 2.32 लाख महिषवंशीय पशु (भैंस) है। इसके अलावा 19 हजार बकरियां और चार हजार भेड़ है। वहीं 12 हजार करीब कुत्ते और बिल्ली भी है। इतनी बड़ी संख्या में पुश होने के बावजूद जिले में एक तो पशु चिकिल्सालयों की कम है और उसके साथ ही पशुधन प्रसार अधिकारियों की कमी है। इनकी कमी के चलते...