उन्नाव, अप्रैल 4 -- बिछिया। ब्लाक के ओरहर गांव स्थित सिद्ध पीठ मां साखो देवी मंदिर में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के विराम दिवस पर आचार्य प्रभात त्रिपाठी ने गोवर्धन पूजा, रूक्मणि विवाह, भगवान कृष्ण का द्वारिका गमन राजसूय यज्ञ, सुदामा चरित्र, व परिक्षित मोह की कथा का प्रसंग सुनाया। कहा कि मानव को कलयुग में सतमार्ग पर चलने से दुख आ सकते हैं। लेकिन दुख के बाद सुख परमात्मा प्रदान करता है। उन्होंने बताया कि सुर, नर, मुनि,असुर सभी को कर्म अनुसार फल की प्राप्ति होती है। धर्म की स्थापना आदि कार्य बिना अवतार लिए भी ईश्वर कर सकते हैं। कथा में रमेश, बाबूलाल, पंकज, कमला कांत, शिव विनोद, राम किशोर व जया सहित अन्य भक्त मौजूद रहे।

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