नई दिल्ली, जुलाई 23 -- प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ छात्रों का आंदोलन अपनी जगह है और उनकी संतुष्टि के बाद ही इसका समापन होगा। फिलहाल, समय संयम और संवाद का है। अब इस आंदोलन का जो आकार हो गया है, उसमें कई सियासी कोण बन गए हैं, तो इसके पटाक्षेप में भी कुछ वक्त लग सकता है। सियासत से अलग अगर देखें, तो गुरुवार को जिस तरह से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं कड़ा रुख दिखाया है, उससे लगता है कि देश में परीक्षा-पारदर्शिता के एक नए दौर का आगाज हो सकता है। सरकार ने परीक्षा पत्र लीक के जिम्मेदार लोगों को दंडित करने के लिए त्वरित अदालतें या फास्ट ट्रैक कोर्ट स्थापित करने का निर्णय लिया है। वाकई, युवाओं का भविष्य उज्ज्वल बनाने के लिए परीक्षाओं को निर्दोष बनाना होगा। परीक्षाओं को दोषरहित बनाने के लिए परीक्षा तंत्र को निर्दोष बनाना होगा और इसके लिए सबसे जरूर...