नई दिल्ली, अगस्त 20 -- दिल्ली हाई कोर्ट ने कहा है कि कॉम्पिटिटिव और प्रोफेशनल परीक्षा सिस्टम की विश्वसनीयता बनाए रखने की जिम्मेदारी उम्मीदवार और परीक्षा आयोजित करने वाली संस्थाओं दोनों की होती है। जस्टिस जसमीत सिंह ने नेशनल बोर्ड कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी फेलोशिप के लिए एक डॉक्टर की उम्मीदवारी रद्द करने के फैसले को सही ठहराते हुए यह टिप्पणी की। बार एंड बेंच की रिपोर्ट के अनुसार, अदालत ने पाया कि डॉक्टर ने जरूरी चीजें हासिल नहीं की थीं। उन्होंने तय कट ऑफ तारीख तक 'डॉक्टर ऑफ नेशनल बोर्ड कार्डियोलॉजी' की योग्यता हासिल नहीं की थी, लेकिन एंट्रेंस एग्जाम में बैठने के लिए गलत जानकारी दी थी। कोर्ट ने उन पर 1000 रुपए का जुर्माना लगाया गया। कोर्ट ने 'नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन्स इन मेडिकल साइंसेज' (NBEMS) की भी आलोचना की। कोर्ट ने कहा कि उन्हें ...