नई दिल्ली, फरवरी 19 -- परीक्षा का समय हर छात्र के लिए तनाव और उम्मीद का मिला जुला दौर होता है। महीनों की तैयारी, कोचिंग, अभ्यास और रातों की मेहनत इस भरोसे पर टिकती है कि सवाल उसी पाठ्यक्रम से आएंगे जो पढ़ाया गया है। लेकिन जब परीक्षा कक्ष में बैठा छात्र ऐसा प्रश्न देखता है जो उसने कभी पढ़ा ही नहीं, तो घबराहट होना स्वाभाविक है। इसी तरह की स्थिति इस साल उच्च माध्यमिक परीक्षा में सामने आई, जब गणित के प्रश्नपत्र में कुछ सवाल तय पाठ्यक्रम से बाहर पाए गए। अब इस मामले पर बोर्ड ने अपनी गलती स्वीकार करते हुए विद्यार्थियों के पक्ष में बड़ा निर्णय लिया है। पश्चिम बंगाल उच्चतर माध्यमिक शिक्षा परिषद ने स्पष्ट किया है कि गणित प्रश्नपत्र के तीन प्रश्न पाठ्यक्रम से बाहर थे। इस गलती की जिम्मेदारी बोर्ड ने खुद ली है और घोषणा की है कि जिन छात्रों ने उन प्रश्...