नई दिल्ली, जून 18 -- हाल ही में तृणमूल कांग्रेस (TMC) और उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (UBT) में हुई टूट ने भारतीय राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है। विपक्ष का आरोप है कि राजनीतिक दलों में हो रहे ये विभाजन सत्ताधारी राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) द्वारा संसद में 'सुपर मेजॉरिटी' यानी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने की एक सोची-समझी रणनीति का हिस्सा हैं। इस पूरी राजनीतिक कवायद के केंद्र में 'परिसीमन विधेयक 2026' और बहुप्रतीक्षित 'महिला आरक्षण' का अहम मुद्दा है।परिसीमन विधेयक 2026 क्या है? भारतीय संविधान के अनुसार, राज्यों की जनसंख्या के आधार पर लोकसभा और विधानसभा सीटों का निर्धारण किया जाता है। 1976 में (42वें संशोधन के जरिए) सीटों की संख्या को 1971 की जनगणना के आधार पर फ्रीज कर दिया गया था, ताकि जनसंख्या नियंत्रण को बढ़ावा दिया जा सके। स...