रांची, जनवरी 4 -- रांची, वरीय संवाददाता। मूलवासी सदान युवा शिक्षाविदों की बैठक रविवार को रांची के एक होटल में हुई। मूलवासी सदान मोर्चा के केंद्रीय अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद ने कहा कि झारखंड में लागू पेसा कानून के बाद राज्य के गैर जनजातीय मूलवासी सदान समुदाय खुद को राजनीतिक, सामाजिक और प्रशासनिक रूप से हाशिए पर महसूस कर रहे हैं। कहा कि झारखंड में मूलवासी सदानों के अधिकारों को बचाने का एक मात्र संवैधानिक तरीका है कि केंद्र सरकार 2026 में जातीय जनगणना और परिसीमन कराने के बाद 2029 में लोकसभा और विधानसभा का चुनाव नए परिसीमन के बाद ही कराए। उन्होंने कहा कि पेसा कानून के वर्तमानस्वरूप से गैर जनजातीय आबादी को बड़ी आबादी को नुकसान होगा। प्रोफेसर अरविंद प्रसाद ने कहा कि राज्य की नीतियां बनाते समय स्थानीय मूलवासी सदानों से गैर जनजातीय समुदायों से संवा...