गोरखपुर, अप्रैल 4 -- गोरखपुर, मुख्य संवाददाता। गोरखपुर के बेतियाहाता आवास विकास कॉलोनी में जमीन विवाद अब गंभीर सामाजिक संकट का रूप लेता दिख रहा है। एक ओर जहां मूल भू-स्वामी न्याय के लिए दशकों से संघर्ष कर रहा है, वहीं परिषद द्वारा बनाए और बेचे गए मकानों में रह रहे लोग भी खुद को ठगा महसूस कर रहे हैं।उत्तर प्रदेश आवास विकास परिषद पर आरोप है कि उसने अपने गैर-जिम्मेदाराना कृत्य से न केवल जमीन के वास्तविक स्वामी को प्रताड़ित किया, बल्कि कॉलोनी में मकान खरीदने वाले लोगों के साथ भी छल किया। जानकारी के अनुसार, विवादित बेशकीमती जमीन पर बने भवन संख्या 01 से 11 तक और भवन संख्या 52 इस मामले से सीधे प्रभावित हो रहे हैं।परिषद ने वर्ष 1983-84 में इन भवनों का आवंटन किया और 1986 में लोगों को कब्जा भी दे दिया। हैरानी की बात यह है कि वर्ष 1999 में अदालत का ...