नई दिल्ली, जुलाई 10 -- सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को एक मामले की सुनवाई के दौरान उस शख्स के खिलाफ आपराधिक कार्यवाही आगे बढ़ाने पर रोक लगा दी, जिस पर मध्य प्रदेश में एक परिवार को इस्लाम अपनाने के लिए मजबूर करने का आरोप है। हैरानी की बात यह है कि आरोपी खुद को हिंदू धर्म का अनुयायी बताता है। सुनवाई के दौरान, याचिकाकर्ता हरमन टेलर के वकील ने तर्क दिया कि FIR शिकायतकर्ता के पति के कथित तौर पर इस्लाम अपनाने के लगभग आठ साल बाद दर्ज की गई थी। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस चंद्रशेखर की बेंच ने यह अंतरिम आदेश जारी किया, और इसके साथ ही मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस आदेश को लेकर नोटिस भी जारी किया, जिसमें MP फ्रीडम ऑफ रिलीजन एक्ट की धारा 3 और 5 के तहत दर्ज FIR को रद्द करने से इनकार कर दिया गया था। यह भी पढ़ें- दिल्ली दंगे के आरोपी को जेल में मिल रही खास स...