प्रयागराज, जनवरी 15 -- प्रयागराज, विधि संवाददाता। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि संयुक्त हिंदू परिवार की साझा आमदनी से खरीदी गई संपति को बेनामी संपत्ति नहीं कहा जा सकता है। कोर्ट ने गोरखपुर के दो भाइयों के बीच चल रहे संपत्ति विवाद में ट्रायल कोर्ट के आदेश को रद्द करते हुए मुकदमे को फिर से सुनवाई के लिए बहाल कर दिया है। गोरखपुर के ओम प्रकाश गुप्ता की अपील पर न्यायमूर्ति संदीप जैन ने यह आदेश दिया है। कोर्ट ने कहा कि ट्रायल कोर्ट ने बेनामी लेनदेन निषेध अधिनियम, 1988 की गलत व्याख्या के आधार पर वाद खारिज किया था जबकि मामला संयुक्त हिंदू परिवार की संपत्ति से संबंधित है और इसमें साक्ष्यों के आधार पर तथ्यात्मक जांच की आवश्यकता है। मामले के अनुसार, ओम प्रकाश गुप्ता ने अपने बड़े भाई राधेश्याम गुप्ता के खिलाफ दावा किया था कि दोनों भाइयों ने संयुक्त ...