नई दिल्ली, नवम्बर 17 -- सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को मुंबई में गोरेगांव-मुलुंड लिंक रोड परियोजना के लिए और पेड़ काटने की बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को अनुमति दे दी। अदालत ने बीएमसी की नई याचिका पर कहा कि बदले में पेड़ लगाने का काम पूरी ईमानदारी से होना चाहिए। मुख्य न्यायाधीश बी. आर. गवई की अध्यक्षता वाली पीठ ने राज्य के मुख्य सचिव द्वारा दायर हलफनामे पर संज्ञान लिया और महत्वाकांक्षी जीएमएलआर परियोजना के प्रस्तावक, बीएमसी को जरूरी संख्या में पेड़ काटने की अनुमति दे दी। बशर्ते कि प्रतिपूरक वनरोपण का कार्य पूरी ईमानदारी से किया जाए। पीठ में जस्टिस के. विनोद चंद्रन और जस्टिस एन.वी. अंजारिया भी शामिल थे। पीठ ने मुख्य सचिव के हलफनामे पर भी ध्यान दिया, जिसमें प्रतिपूरक वनरोपण को 'सरकारी प्रस्ताव' का हिस्सा बनाया गया था। मुख्य न्यायाधीश ने निर्दे...