नई दिल्ली, सितम्बर 2 -- सुप्रीम कोर्ट ने रियल एस्टेट कंपनियों को साफ कहा है कि परियोजनाओं के ब्रोशर में किए गए वादे सिर्फ प्रचार या मार्केटिंग नहीं होते, बल्कि बिल्डर को उसी के अनुसार परियोजना बनाकर खरीदारों को देना होगा। शीर्ष अदालत ने यह बात गुरुग्राम में डीएलएफ होम डेवलपर्स की आवासीय परियोजना 'द प्राइमस' में लगातार हो रहे बदलावों पर सख्त रुख अपनाते हुए कही। इस परियोजना के मूल नक्शे और ब्रोशर में 24 मीटर चौड़ी सड़क दिखाई गई थी। वास्तविक निर्माण में सड़क कई जगह लगभग गायब हो गई। सड़क के कुछ हिस्सों को ग्रीन बेल्ट (हरित क्षेत्र) और कुछ हिस्सों को पार्किंग में बदल दिया गया। न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने कहा कि यह बदलाव मामूली नहीं बल्कि गंभीर है। पीठ ने डीएलएफ को चेतावनी दी कि अगली सुनवाई तक पूरी पर...