फरीदाबाद, मई 14 -- फरीदाबाद, अभिषेक शर्मा। हरियाणा बोर्ड द्वारा 10वीं कक्षा के परिणाम जारी होने के बाद जहां छात्र खुशी से झूम रहे हैं, वहीं अनुग्रह परिणाम आने के बाद भावुक होकर अपने पिता पतसेन को याद कर रहे हैं। उन्हें अपने पिता की काफी कमी खल रही है। पिता का साया नहीं होने की वजह से उन्हें पढ़ाई में कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ा। सबसे बड़ी चुनौती आर्थिक समस्या रही है। उन्होंने बोर्ड परीक्षा में 64 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। इसका श्रेय उन्होंने नवोदय सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल प्रबंधन और डॉ. समीर बहल को दिया है। इनकी मां बबीता के पास स्कूल फीस भरने के लिए पैसे नहीं थे। उस समय डॉ. समीर बहल ने पिता की भूमिका निभाते हुए उनकी स्कूल फीस जमा करवाई थी। वहीं स्कूल प्रबंधन ने भी वार्षिक शुल्क नहीं लिया था। बता दें कि डॉ. समीर बहल हृ...