महाराजगंज, मार्च 2 -- महराजगंज, हिन्दुस्तान टीम। सिसवा ब्लाक के चार गांवों में सोमवार को पराह की परंपरा निभाई गई। प्राकृतिक आपदा से बचने के लिए मनाए जाने वाले इस परंपरा के तहत पौ फूटते ही सभी गांव सुनसान हो गए। लोग परिवार व पशुओं के साथ गांव के बाहर खलिहान व बागीचों में पहुंच गए। वहीं खाना-पीना सब हुआ। सिसवा ब्लॉक के चिउटहां, जगरनाथपुर (जौरहर), पिपरा बाजार तथा पकड़ी चौबे गांव सोमवार को पौ फूटते ही सूने हो गए। इन गांवों में देखते ही देखते सन्नाटा पसर गया। यहां न किसी के घर चूल्हे जले और न ही किसी ने गांव-घर का अन्न-जल ग्रहण किया। समूह में सभी ने घर छोड़कर गांव के बाहर खलिहान या बागीचे में डेरा डाल लिया। पूरा दिन गांव के बाहर ही बिताया गया। भजन-कीर्तन का दौर चला। गांव के लोगों के अनुसार लंबे समय से इन गांवों में पराह या परावन की परंपरा मनाई...