फतेहपुर, सितम्बर 3 -- फतेहपुर। शासन और प्रशासन प्रतिवर्ष पराली प्रबंधन की रोकथाम की चलाई जाने वाली कवायद के बावजूद रोक नहीं लग पाई है। पराली की घटनाओं पर अंकुश लगाने और फसल अवशेष प्रबंधन की आधुनिक तकनीक से रूबरू कराने के लिए कृषि विभाग ने कवायद शुरू कर दी है। प्रमोशन ऑफ एग्रीकल्चरल मैकेनाइजेशन फॉर इन-सीटू मैनेजमेंट ऑफ क्रॉप रेजिड्यू के तहत जिले के किसानों को पांच दिवसीय प्रशिक्षण के लिए कृषि प्रबंध संस्थान रहमानखेड़ा, लखनऊ भेजा जाएगा। जहां पर किसानों को फसल अवशेषों का खेत में ही प्रबंधन करने, पराली न जलाने तथा आधुनिक कृषि यंत्रों के इस्तेमाल की जानकारी दी जाएगी। कृषि विभाग का प्रयास है कि किसान पराली को बोझ समझने के बजाय उसका उपयोग खेत की उर्वरा शक्ति बढ़ाने में कर सकें। प्रशिक्षण में शामिल होने वाले इच्छुक किसानों का चयन 15 सितंबर तक किय...