एटा, अक्टूबर 4 -- धान की कटाई करने के बाद फसल अवशेष (पराली) जलाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ पर्यावरण क्षतिपूर्ति के लिए अर्थदंड की कार्रवाई होगी। पुनरावृत्ति करने पर विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। शनिवार को उप कृषि निदेशक सुमित कुमार ने बताया कि किसान अपने खेत में पराली न जलाएं। मिट्टी पलटने वाले हल से जुताई करके पराली को मिट्टी में दबाएं, पराली को गोशाला में दान कर दें या फिर फसल अवशेष प्रबंधन की अन्य विधियों को अपनाएं। उन्होंने बताया कि यदि कोई किसान खेत में पराली/फसल अवशेष जलाता है तो उसको सेटेलाइट से पकड़ लिया जाएगा। 02 एकड़ से कम खेत में पराली जलाने पर 05 हजार का जुर्माना लगाया जाएगा। 02 एकड़ से 05 एकड़ पर 15 हजार एवं 05 एकड़ से अधिक खेत के लिए पर .30 हजार तक पर्यावरण क्षति प्रतिपूर्ति की वसूली की जाएगी। पुनरावृत्ति करने पर संबंधित व...
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