सिद्धार्थ, अप्रैल 13 -- सिद्धार्थनगर, निज संवाददाता। जनपद में गेहूं की कटाई के साथ ही पराली जलाने के मामलों में तेजी आने लगी है, जिसे लेकर प्रशासन ने कड़ा रुख अपना लिया है। सैटेलाइट सर्वे के माध्यम से किए गए व्यापक निरीक्षण में अब तक 631 मामलों की पुष्टि हुई है। इन आंकड़ों के सामने आने के बाद जिला प्रशासन अलर्ट मोड में आ गया है। दोषी किसानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है।प्रशासन की ओर से मिले आंकड़े के अनुसार इटवा तहसील पराली जलाने के मामलों में सबसे आगे है, जहां 266 घटनाएं दर्ज की गई हैं। इसके बाद बांसी में 178, डुमरियागंज में 121 और नौगढ़ में 60 मामले सामने आए हैं। वहीं शोहरतगढ़ तहसील में सबसे कम दह मामले दर्ज किए गए हैं। प्रशासन का मानना है कि यदि समय रहते इस पर नियंत्रण नहीं किया गया, तो यह संख्या और बढ़ सकती है। ड...