नई दिल्ली, दिसम्बर 9 -- दिल्ली में जबर्दस्त प्रदूषण के बीच पंजाब और हरियाणा में पराली को लेकर चौंकाने वाला दावा सामने आया है। एक सैटेलाइट विश्लेषण में यह दावा किया गया है कि असल में पराली जलाने की घटनाएं कम नहीं हुई हैं। इसके बजाए, किसानों ने चालाकी दिखाते हुए पराली जलाने के समय को बदल दिया है, ताकि उन्हें दर्ज न किया जा सके। आई फॉरेस्ट की 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक अब पराली, दोपहर बाद या देर शाम को जलाई जा रही है। यह वो समय होता है, जब सैटेलाइट पराली जलाने की घटनाओं की निगरानी नहीं कर रही होती। बता दें कि पंजाब और हरियाणा में पराली जलाने की घटनाओं में 90 फीसदी कमी आने की बात कही गई थी। बता दें कि सरकारी निगरानी आधिकारिक तौर पर जिन सैटेलाइट्स का इस्तेमाल करती है, वह पराली जलाने वाले क्षेत्रों से सुबह के 10.30 बजे और दोपहर 1.30 बजे गुजरती ...
Click here to read full article from source
इस लेख के रीप्रिंट को खरीदने या इस प्रकाशन का पूरा फ़ीड प्राप्त करने के लिए, कृपया
हमे संपर्क करें.