उरई, अप्रैल 18 -- उरई। संवाददाता उप्र खादी ग्रामोद्योग बोर्ड द्वारा संचालित मुख्यमंत्री ग्रामोद्योग रोजगार योजना के अन्तर्गत शिक्षित बेरोजगारों को स्वरोजगार के लिए दस लाख तक का ऋण दिलाया जाएगा। इसमें उनको दस फीसदी खुद का अंशदान लगाना होगा। साथ ही एससी ओबीसी एवं महिलाओं को शून्य प्रतिशत ब्याज पर ऋण मिलेगा।उक्त योजना के तहत शिक्षित बेरोजगार तथा परम्परागत कारीगरों को अपने ही ग्राम में विभिन्न स्वरोजगार स्थापना के लिए स्थानीय बैंकों के माध्यम से अधिकतम 10 लाख तक का ऋण उपलब्ध कराए जाने का प्रावधान है। इस योजना के तहत सामान्य जाति के पुरुष लाभार्थियों को पूजीगत ऋण पर चार प्रतिशत की वार्षिक ब्याज दर पर तथा अनुसूचित जाति, अनुसूचित जन जाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक, भूतपूर्व सैनिक, दिव्यांगों एवं महिला को शून्य प्रतिशत ब्याज पर बैंकों के माध्य...