रिषिकेष, मई 14 -- परमार्थ निकेतन में शुक्रवार से श्रीराम कथा का भव्य एवं आध्यात्मिक आयोजन किया जाएगा। यह कथा आध्यात्मिक चेतना के प्रवाह के साथ भारतीय संस्कृति, संस्कार, पर्यावरण संरक्षण, गो सेवा तथा सिंगल यूज प्लास्टिक मुक्त भारत के संकल्प को समर्पित एक जनजागरण अभियान है। संत मुरलीधर के श्रीमुख से प्रवाहित होने वाली मानस ज्ञान गंगा श्रद्धालुओं को अध्यात्म, सेवा, संस्कार और राष्ट्र चेतना से जोड़ने का दिव्य माध्यम बनेगी। स्वामी चिदानंद सरस्वती ने कहा कि भगवान श्रीराम का जीवन एक धार्मिक आख्यान नहीं, बल्कि आदर्श जीवन, मर्यादा, कर्तव्य, सेवा और प्रकृति संरक्षण का अनुपम संदेश है। उन्होंने कहा कि आज आवश्यकता केवल कथा सुनने की नहीं, बल्कि कथा को जीवन में उतारने की है। यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में श्रीराम के आदर्शों को अपनाये तो समाज में सद्भ...