प्रयागराज, अप्रैल 15 -- प्रयागराज। वैदिक काल में जिस तरह से वेदों की ज्ञाता विदुषी अपाला और गार्गी को माना जाता है, ठीक उसी तर्ज पर आध्यात्मिक गुरु और परमार्थ निकेतन आश्रम के अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती ने प्रयागराज के लिए अनूठी पहल की है। अरैल घाट के समीप स्थित परमार्थ त्रिवेणी पुष्प परिसर में बेटियों को वैदिक शिक्षा देने के लिए जिले का पहला कन्या गुरुकुल खोला गया है। गुरुकुल में मार्च के अंतिम सप्ताह में परमार्थ निकेतन की तेलंगाना और हैदराबाद गुरुकुल से बीस बेटियों को दाखिला दिया गया है। जिनके लिए आवासीय सुविधाओं से युक्त परिसर में रहने की सुविधा उपलब्ध है। खास बात है कि बेटियों को वैदिक शिक्षा देने के लिए वेदों में पारंगत दो महिलाओं को रखा जाएगा। गुरुकुल में बेटियों को ऋग्वेद, यजुर्वेद, सामवेद और अथर्ववेद की शिक्षा ग्रहण कराई जाएगी।...