शामली, सितम्बर 26 -- शामली। जयपुर से आए अंतरराष्ट्रीय वैदिक विद्वान सच्चिदानंद महाराज ने कहा कि परमात्मा ने संपूर्ण संसार की रचना की है और मनुष्य उसकी अद्भुत कृति है। विश्व में करीब आठ अरब लोग हैं, लेकिन परमात्मा की रचना ऐसी है कि किसी भी दो व्यक्तियों के फिंगरप्रिंट आपस में नहीं मिलते। सच्चिदानंद महाराज शनिवार को आर्य समाज मंदिर में श्रावणी पर्व के उपलक्ष्य में आयोजित वेद प्रचार सप्ताह के छठे दिन आयोजित वैदिक सत्संग को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म का अर्थ सदैव नूतन रहने से है। परमात्मा को शब्दों की सीमा में नहीं बांधा जा सकता, क्योंकि वह अनंत है। उन्होंने निर्गुण और सगुण भक्ति का विस्तार से वर्णन करते हुए कहा कि परमात्मा ही मनुष्य का सच्चा मित्र है। बुरे समय अथवा गंभीर बीमारी में कई बार सगे-संबंधी भी साथ छोड़ देते हैं, ले...