वाराणसी, जून 12 -- वाराणसी, मुख्य संवाददाता। सत्संग ईश्वर की कथा है। जिसकी कथा हम सुनते हैं उसके रूप, स्वरूप तथा स्वभाव का हमें ज्ञान होता है। हमारी आत्मा का कर्तव्य परमात्मा की प्राप्ति है। ये बातें कथा व्यास आचार्य संजय प्रभुदास ने कहीं। पांडेयपुर स्थित ठाकुरजी की बगिया में पुरुषोत्तम मास के अवसर पर हो रहे मानस पारायण में शुक्रवार को वह प्रवचन कर रहे थे।

शरीर और परमात्मा का संबंध उन्होंने कहा कि शरीर का कर्तव्य सांसारिक कार्यों को पूरा करना है। जिस कर्म से परमात्मा मिल जाए वही श्रेष्ठ है। जिस बुद्धि से परमात्मा मिल जाए वही बुद्धि योग है। पिता पुत्र के संबंध में मर्यादा होनी चाहिए। दूसरों के सुख में सुखी तथा दुख में दुखी होने वाला व्यक्ति सदैव सफल और प्रसन्न रहता है। जब हम कोई संकल्प करते हैं तो उसे पूर्ण करने के मार्ग में अनेक बाधाएं आ...