भागलपुर, जून 4 -- कहलगांव, निज प्रतिनिधि। सनोखर के रंजीतगढ़ में आयोजित संगीतमय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ महोत्सव के तृतीय दिवस पर वृंदावन से पधारे राष्ट्रीय संत पंडित बाल प्रभुजी महाराज ने श्रद्धालुओं को कथा एवं आध्यात्मिक प्रवचनों का रसपान कराया। अपने प्रवचन में महाराज जी ने कहा कि परमात्मा को पाने के लिए बचपन सबसे श्रेष्ठ अवस्था है, क्योंकि इस आयु में दिए गए संस्कार जीवनभर व्यक्ति के चरित्र और आचरण का आधार बनते हैं। कथा प्रसंग में महाराज जी ने भगवान वामन अवतार और राजा बलि की कथा का मार्मिक वर्णन किया। वहीं भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने भजन-कीर्तन एवं जयघोष के बीच उत्साहपूर्वक भाग लिया। यह भी पढ़ें- परमात्मा की प्राप्ति के लिए बचपन सबसे उपयुक्त अवस्था : बाल प्रभुजी कृष्ण जन्मोत्सव के उल्लासपूर्...