नई दिल्ली, जनवरी 24 -- ईरान के सर्वोच्च नेता के भारत प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल माजिद हकीम इलाही ने परमाणु हथियारों को हराम बताया है। उन्होंने कहा कि ईरान ने कभी परमाणु हथियार बनाने की इच्छा नहीं की, क्योंकि यह हराम है। ईरान परमाणु ऊर्जा का उपयोग शांतिपूर्ण उद्देश्यों के लिए करना चाहता है, जैसे सामाजिक और मानवीय जरूरतें पूरी करना। उन्होंने कुछ अंतरराष्ट्रीय संगठनों पर दोहरा मापदंड अपनाने का आरोप लगाया। ईरान पर भारी प्रतिबंध लगाए जाते हैं और उसके परमाणु स्थलों की सख्त निगरानी होती है, लेकिन अन्य देशों के मामले में चुप्पी साध ली जाती है। यह भी पढ़ें- पहले ही साल में चीन तुमको खा जाएगा, ट्रंप ने कनाडा को दिखाया 'गोल्डन डोम' का डर जून 2025 में इजरायल और अमेरिका ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले किए थे। पिछले महीने परमाणु अप्रसार पर संयुक्त राष्ट्र ...
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