खगडि़या, मई 16 -- परबत्ता। एक प्रतिनिधि आज के दिन ही पतिव्रता नारी सावित्री ने अपनी चतुराई से मृत पति क़ो यमराज के हाथों से लौटा लाई थी। उसी दिन से हर जगह वट सावित्री की पूजा शुरू हो गयीं। जानकारों की मानें तो आज के दिन ही सावित्री के पति की मृत्यु हो गई। पतिव्रता नारी सावित्री ने अपने पति क़ो यमराज क़ो नहीं ले जाने की जिद्द पर अड़ गयी। यमराज के काफी कहने के बाद सावित्री नहीं मानी तब यमराज ने साबित्री क़ो एक बर माँगने क़ो कहा इसी बीच सावित्री ने अपनी चतुराई से सौ पुत्र होने का वर मांग बैठा। यह भी पढ़ें- वट अमावस्या पर वट वृक्ष की सुहागिनों ने की परिक्रमा वर देकर जब यमराज उनके पति क़ो अपने साथ लेकर जाने लगे तो सावित्री ने कहा महाराज जब आप मेरे पति क़ो अपने साथ लेकर जा रहे हैं तो मुझे जो सौ पुत्र होने का वर दिया हैं उसका क्या होगा? यमराज का ध्यान ख...