रामगढ़, जून 17 -- रामगढ़। स्थानीय दिगम्बर जैन मंदिर, रामगढ़ में इन दिनों परम पूज्य आचार्य वसुनंदी के परम प्रभावक शिष्य मुनिश्री 108 पुण्यानंद और मुनिश्री 108 शुभानंद का मंगल प्रवास जारी है। इस दौरान प्रतिदिन आयोजित हो रहे मंगल प्रवचनों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है पूरा वातावरण धर्ममय बना हुआ है। प्रवचन के क्रम में मुनिश्री शुभानंद ने बुधवार, को कहा कि मनुष्य के जीवन में पाप के अनेक रूप होते हैं, जैसे लोभ, माया, हिंसा, दुराचार और परस्त्री गमन आदि। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार का पाप करना आत्मा को कष्ट पहुँचाने के समान है, लेकिन इन सभी में सबसे गंभीर पाप परनिंदा है। उन्होंने कहा कि परनिंदा करने वाला व्यक्ति न केवल स्वयं पाप का भागी बनता है, बल्कि वह दूसरों की आत्मा को भी पीड़ा पहुँचाता है, जिससे उसका आध्यात्मिक पतन होत...