लखनऊ, जुलाई 29 -- परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण को किसी अलग गतिविधि या परीक्षा के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। अगले वर्ष होने वाले इस सर्वेक्षण में श्रेष्ठ प्रदर्शन के लिए नियमित तैयारी की जाएगी। आगे और बेहतर प्रदर्शन के लिए विस्तृत कार्य योजना तैयार होगी।बुधवार को राज्य शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एसीईआरटी) के सभागार में आयोजित मंडलीय कार्यशाला में अपर मुख्य सचिव, बेसिक व माध्यमिक शिक्षा पार्थ सारथी सेन शर्मा ने कहा कि इसे विद्यालयों की नियमित शिक्षण प्रक्रिया का अभिन्न अंग बनाना चाहिए। अनएडेड स्कूलों को भी इस पहल से जोड़ा जाना चाहिए। एससीईआरटी के निदेशक गणेश कुमार ने कहा कि मंडलों के लिए राज्य स्तर पर आयोजित कार्यशाला का उद्देश्य रिपोर्ट के निष्कर्षों को जिला व विद्यालय स्तर की कार्य योजना में प्रभावी रूप से लागू कराया जाना है। यह भ...