मुजफ्फरपुर, मई 15 -- मुजफ्फरपुर, प्रमुख संवाददाता। एमआईटी में शुक्रवार को संस्कृत प्रमाणपत्र वितरण समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि बिहार संस्कृत शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन प्रो. मृत्युंजय झा ने कहा कि भारत की परंपरागत शिक्षा व्यवस्था धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही है। इसे पुनः स्थापित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। एक ऐसे डिजिटल प्लेटफॉर्म एवं वेबसाइट के निर्माण पर कार्य किया जा रहा है, जिसके माध्यम से देश-विदेश का कोई भी व्यक्ति कहीं से भी संस्कृत की शिक्षा प्राप्त कर सकेगा। यह भी पढ़ें- मध्यमा परीक्षा परिणाम घोषित, 87.5% परीक्षार्थी सफलसंस्कृत का महत्व उन्होंने कहा कि संस्कृत केवल धार्मिक अथवा पारंपरिक अध्ययन तक सीमित नहीं है, बल्कि आधुनिक शिक्षा के प्रत्येक क्षेत्र में उसका महत्वपूर्ण योगदान है। एमआईटी के प्राचार्य प्रो. मिथिलेश कुमा...